स्वामी विवेकानन्द और गाँधी जी की राष्ट्रवादी अवधारणा

  • डाॅ0 किरन हिन्दी-प्रवक्ता, जी0एस0एम0 (पी0जी0) काॅलेज, सकीट (एटा) उ0प्र0

Abstract

स्वामी विवेकानन्द एक प्रखर राष्ट्रवादी संत थे। उनका राष्ट्रवाद ऐसा राष्ट्रवाद था जो दूसरे राष्ट्रों के लिए भी प्रेरणा स्रोत था। उन्हें अपने देश से प्यार था और वे अपने देश को ऊँचा उठाने को उत्सुक थे, क्योंकि भारत का चरित्र सादियों से ही अत्यधिक ऊँचा रहा था। परन्तु बीच में विदेशियों का साम्राज्य स्थापित हो जाने के फलस्वरूप हम अपने गौरव और साधना को भूल चुके थे। इसलिए स्वामी विवेकानन्द का उद्दश्य देश को अन्धकार से निकाल कर प्रकाश में लाना था।

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Published
2018-04-11
Section
Articles