स्वामी विवेकानन्द एवं महात्मा गाँधी जी के शैक्षिक विचारों का तुलनात्मक अध्ययन

  • अरविन्द कुमार सहायक प्रोफेसर वाणिज्य विभाग, आई0 पी0 (पी0जी0) कालेज बुलन्दशहर
  • गायत्री देवी स0 अध्यापिका, एम0 काम0, एम0 एड0, नेट(शिक्षाशास्त्र) बुलन्दशहर

Abstract

स्वामी विवेकानन्द इस युग के पहले भारतीय थे जिन्होंने हमें हमारे देश की आध्यात्मिक श्रेष्ठता और पाश्चात्य देशों की भौतिक श्रेष्ठता से परिचित कराया और हमें अपने भौतिक एवं आध्यात्मिक दोनों प्रकार के विकास के लिए सचेत किया। इन्होने उद्घोष किया कि भारत के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षित करो और्र िशक्षा द्वारा उसे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में कुशलतापूर्वक कार्य करने के लिए सक्षम करो, उसे स्वावलम्बी बनाओ, आत्मनिर्भर बनाओ, स्वाभिमानी बनाओ और इन सबसे ऊपर एक सच्चा मनुष्य बनाओ जो मानव सेवा द्वारा ईश्वर की प्राप्ति में सफल हो। स्वामी विवेकानन्द जी को भारत के अतीत और वर्तमान के बीच एक बहुत बड़ा संयोजक माना जाता है।

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Published
2018-04-11
Section
Articles