स्वामी विवेकानंद और महात्मा गाँधी के विचारों में समानता

  • डॉ.नीलम गुप्ता असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, जवाहर लाल नेहरू (पी. जी.) कॉलेज, एटा, (उ.प्र.)

Abstract

स्वामी विवेकानंद और महात्मा गाँधी दोनों आधुनिक भारत के आकाश में जगमगाते हुए ऐसे दो नक्षत्र है। जिसके प्रकाश में भारतीयता आगे की यात्रा तय करती है। इन दोनों ने रास्ते का जो नक्शा निर्मित किया उसी पर चलकर आधुनिक भारत का निर्माण हो सका। इस मायने में ये दोनों आधुनिक भारत के निर्माता है। यघपि उनकी परिकल्पित योजना के अनुसार भारत निर्मित नहीं हो पाया लेकिन आज भारत जिस रूप में जैसा है उसका सारा श्रेय इन्ही दोनों को जाता है। आज भारत में यदि सर उठाकर खड़े होने का हौसला है और भारतवासी स्वतंत्र फिजा में साँस ले रहे है तो यह इन दोनों के ही प्रतिबद्ध प्रयास से ही हो पाया है। विवेकानंद सांस्कृतिक जागरण के उन्न्यक थे, तो गाँधी राजनीतिक स्वतंत्रता के पुरोधा। विवेकानंद और गाँधी जी के बीच एक ऐसी तारतम्यता है, जो इस देश को सांस्कृतिक जाग्रति से लेकर राजनीतिक स्वतंत्रता तक ले आती है।

 

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Published
2018-04-11
Section
Articles