स्र्व.ाभूमि भारत का आर्थिक उत्थान ,वं शिथिलनः प्राचीनकाल से आधुनिक काल तकः ,क ,ेतिहासिक शोधात्मक अध्ययन

  • डा॰ पद्मजा मिश्रा सह प्रवक्ता, इतिहास विभाग, रूहेलखण्ड डिग्री काॅलेज, शाहजहाँपुर, उ0 प्र0
  • डा॰ जुनैद अहमद सह प्रवक्ता, अर्थशास्त्र विभाग, रूहेलखण्ड डिग्री काॅलेज, शाहजहाँपुर उ0 प्र0

Abstract

भारत में मुगल साम्राज्य के समय यहाँ की धन संपदा से आकर्शित होकर अनेक यूरोपियन व्यापरिक कंपनियो ने यहाँ प्रवेश किया जिनमें पुर्तगाली, डच, डेनिश, फ्रेन्च तथा अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी आदि प्रमुख थी। कालान्तर में इन घटना के बाद भारत के साथ ब्रिटेन के आर्थिक सम्बन्धों का एक नया युग प्रारम्भ हुआ जिसमें भारत, औद्योगिक इंग्लैण्ड का एक उपनिवेश बन गया। भारत पर राजनीतिक अधिकार के बाद अंग्रेजों ने भारत को अपना गुलाम देश बना लिया। भारत की सम्पत्ति और संसाधनो को अंग्रेज ब्रिटेन में भेज रहे थे और इसके बदले भारत को पर्याप्त आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा था। यह आर्थिक दोहन ब्रिटिश शासन की खास व्यवस्था थी। दादा भाई नौरोजी ने अपनी पुस्तक ‘‘पावर्टी एण्ड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया‘‘ में ब्रिटिश शासन की आर्थिक कुर्रीतियों का वर्णन किया है। दादा भाई ने धन की निकासी को ‘‘अनिष्टो के अनिष्ट’’ की संज्ञा द

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Published
2018-08-16
Section
Articles