पं॰ दीनदयाल उपाध्याय के विचारों में भारतीय सांस्कृतिक एकता के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीयता की अभिव्यक्ति

  • डा॰ पद्मजा मिश्रा सह प्रवक्ता, इतिहास विभाग, रूहेलखण्ड डिग्री काॅलेज, शाहजहाँपुर (उ॰प्र॰)

Abstract

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का जन्म मथुरा जिले के एक छोटे से गांव नंगला चंद्रभान में 25 सितंबर 1916 को हुआ था। बचपन में ही माता-पिता की मृत्यु हो जाने के कारण उनका जीवन संघर्षमय रहा, वे बचपन से ही बड़े मेधावी छात्र रहे पंडित जी ने हाईस्कूल, राजस्थान बोर्ड से 1935ई॰ में और इंटरमीडिएट, पिलानी से 1937 ई॰ में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण किया। इसके बाद वे स्नातक की पढ़ाई के लिए कानपुर चले गए। वे राष्ट्र स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आये। पंडित दीनदयाल एक कुशल संगठक होने के साथ-साथ उत्तम लेखक तथा पत्रकार भी थे, उन्होंने लखनऊ में राष्ट्रीय धर्म प्रकाशन की स्थापना की और अपने विचारों को प्रस्तुत करने के लिये ‘राष्ट्रधर्म’ नामक एक मासिक पत्रिका की शुरूआत की। इसके बाद उन्होंने पाञजन्य नामक एक दैनिक पत्रिका की भी शुरूआत की।

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Published
2018-03-25
Section
Articles