बहुमुखी पंडित दीनदयाल उपाध्याय

  • अनुपम दीक्षित ऑफिस प्रबंधन विभाग, आर्य महिला पी जी कॉलेज, शाहजहांपुर

Abstract

25 सितम्बर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा में जन्म लेने वाले पंडित दीन दयाल का स्पष्ट मानना था कि समाजवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद व्यक्ति के एकांगी विकास की बात करते हैं जबकि व्यक्ति की समग्र जरूरतों का मूल्यांकन किए बिना कोई भी विचार भारत के विकास के अनुकूल नहीं होगा। पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने भारतीयता के अनुकूल पूर्ण भारतीय चिन्तन के रूप में “एकात्म मानववाद” का दर्शन प्रस्तुत किया जो आज भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा का आदर्श है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जीवन यात्रा के विविध आयाम हैं। कम उम्र में ही दुनिया को अलविदा कहने वाले पंडित दीन दयाल उपाध्याय ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार अर्थात पंडित नेहरु की नीतियों का न सिर्फ विरोध किया बल्कि उस विरोध के साथ-साथ वैकल्पिक वैचारिक मॉडल भी प्रस्तुत किया। उनके जीवन के अनेक पक्ष, अनेक आयाम और अनेक कार्य हैं जिनपर बहुत चर्चा नहीं हो पाई है।

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Published
2018-03-25
Section
Articles