बहुमुखी पंडित दीनदयाल उपाध्याय

  • डॉ. पारुल मिश्रा एसोसिएट प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष, शिक्षा शास्त्र विभाग, एन.ए.के.पी. डिग्री कॉलेज, फर्रुखाबाद

Abstract

25 सितंबर 2016 में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी एक बहुआयामी प्रतिभा के धनी थे। एक ही व्यक्तित्व में इतनी प्रतिभाओं दर्शनशास्त्री, अर्थशास्त्री, समाजशास्त्री, इतिहासकार, पत्रकार एवं राजनीतिज्ञ शामिल होना अपने आप में दुर्लभ है। जहां एक सामान्य व्यक्ति जीवन की परेशानियों से विचलित हो जाता है। वह बचपन में अनाथ हो गए पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी ने विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए जिस प्रकार सिविल सर्विसेज की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया, यह उदाहरण है। उन लोगों के लिए जो सदैव अपने जीवन की कठिनाइयों का बहाना बनाकर अपनी असफलताओं का दोषारोपण परिस्थितियों पर करते रहते हैं।

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Published
2018-08-18
Section
Articles