पंडित दीनदयाल उपाध्यायः एक नेता जो ‘हार’

  • डॉ. विनोद कुमार गुप्ता प्राचार्य विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज, कायमगंज फर्रुखाबाद.
  • कुलदीप कुमार आर्य असिस्टेंट प्रोफेसर, विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज, कायमगंज फर्रुखाबाद.

Abstract

25 सितम्बर 1916 को उत्तर प्रदेश के मथुरा में जन्म लेने वाले पंडित दीनदयाल का स्पष्ट मानना था कि समाजवाद, साम्यवाद और पूंजीवाद व्यक्ति के एकांगी विकास की बात करते हैं जबकि व्यक्ति की समग्र जरूरतों का मूल्यांकन किए बिना कोई भी विचार भारत के विकास के अनुकूल नहीं होगा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीयता के अनुकूल पूर्ण भारतीय चिन्तन के रूप में “एकात्म मानववाद” का दर्शन प्रस्तुत किया जो आज भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा का आदर्श है।

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Published
2018-08-18
Section
Articles