एकात्म मानव दर्शन-अन्त्योदय

  • कविता शर्मा छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर
  • नीरज भारद्वाज छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर

Abstract

एकात्म मानव दर्शन तथा अन्त्योदय का प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी’ को माना जाता है। इसका उद्देश्य, “ऐसा स्वदेशी सामाजिक-आर्थिक मॉडल प्रस्तुत करना था, जिसका केन्द्र मानव था। भारत देश की स्वतन्त्रता से पहले देश में कई आन्दोलन हुए, कई प्रकार की नीतियाँ बनायी जाती थी, जगह-जगह विचार विमर्श किये जाते थे और इन सभी का एकमात्र लक्ष्य होता था- ’स्वतन्त्रता प्राप्त करना’।

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Published
2018-08-18
Section
Articles