आजादी के बाद का भारतः पंडित दीनदयाल उपाध्याय की नजर में

  • डॉ. रुचि दीक्षित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, कानपुर

Abstract

15 अगस्त भारतीय इतिहास में एक महत्त्वपूर्ण दिन है। उस दिन संपूर्ण भारत में स्वतंत्रतोत्सव मनाए गए। सहस्रों वर्षों की दासता के बंधन से मुक्ति का अनुभव किसको आनंदकारी नहीं होता। किंतु आनंद के क्षण थोड़े ही रहते हैं। आनंदोत्सव में मनुष्य एकबारगी अपने आपको भूल जाता है, वास्तविकता की कठोर धरती से उठकर कल्पनाकाश में सहज विचरण करने लगता है। हमने भी इस प्रकार आनंद मनाया और अपने-अपने दृष्टिकोण के अनुसार उसकी अनुभूति रही। हरेक की अपनी-अपनी अवधि थी। किंतु अंत में सबको वास्तविकता की कठोर भूमिका स्पर्श करना ही पड़ा।

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Published
2018-08-17
Section
Articles