मानवतावाद के प्रवर्तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय

  • डॉ. इन्दु मिश्रा एसोसिएट प्रोफेसर, भूगोल विभाग, विक्रमाजीत सिंह सनातन धर्म कालेज, नवाबगंज, कानपुर

Abstract

पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्म 25 सितम्बर, 1916ए दिन सोमवार (अश्विन कृष्ण त्रयोदशी, संवत 1973) को मथुरा जिले में ब्रज की पावन धरती पर नगला चंद्रभान नामक गाँव में हुआ था। उनका पूरा नाम दीनदयाल उपाध्याय था, लेकिन घर के लोग दीना कहकर बुलाते थे। उनकी माँ श्रीमती रामप्यारी एक धार्मिक विचारों वाली महिला थीं। उनके पिता श्री भगवती प्रसाद, जलेसर में सहायक स्टेशन मास्टर थे। उनके परदादा, पंडित हरिराम उपाध्याय एक प्रसिद्ध ज्योतिषी थे। उनका जन्म अपने नाना पंडित चुन्नीलाल के यहाँ हुआ था। जब उन्होंने एक ज्योतिषी को अपने नाती की कुन्डली दिखाई तो उस ज्योतिषी ने भविष्यवाणी की कि यह लड़का एक महान विद्वान और विचारक, निस्वार्थ कार्यकर्ता और एक अग्रणी राजनीतिज्ञ बनेगा- किन्तु यह शादी नहीं करेगा। उनके जन्म के दो साल बाद उनकी माँ श्रीमती रामप्यारी ने अपने दूसरे पुत्र शिव दयाल को जन्म दिया। तीन साल से कम उम्र में उन्होंने पिता श्री भगवती प्रसाद को खो दिया और जब वे आठ साल के थे और उनकी माँ भी चल बसीं।

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Published
2018-08-17
Section
Articles